मापन और मूल्यांकन में अंतर || मूल्यांकन और मापन में क्या अंतर है?

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मनुष्य के जीवन का प्रत्येक क्षण मापन से किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ है। बिना मापन के जीवन को सुचारु रूप से चलाना असम्भव है।

जैसे सही समय में विद्यालय पहुंच जाना, आफिस जाना, बस पकड़ना आदि के लिये एक निश्चित समय होता है। जिसका मापन घड़ी के समय द्वारा किया जाता है।

मूल्यांकन सतत चलने वाली प्रक्रिया है। शिक्षा के क्षेत्र में साधारणतः मूल्यांकन से अभिप्राय छात्रों की शैक्षिक उपलब्धि से है।

मापन और मूल्यांकन में अंतर :-

अधिकतर लोग मापन तथा मूल्यांकन को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। मापन तथा मूल्यांकन एक नहीं है, मापन मूल्यांकन का ही एक अंग मात्र है।

मापन केवल हमारी उपलब्धियों की जाँच का एक साधन मात्र है, जो हमारी प्रगति को अंको में व्यक्त करता है। मूल्यांकन में मापन और जाँच दोनों ही सम्मिलित हैं।

यहाँ नीचे दी गयी टेबल में हमने मापन और मूल्यांकन में अंतर को बहुत ही आसान भाषा में समझाया है। हमने मापन और मूल्यांकन में अंतर बताने के लिए कई उदाहरण का प्रयोग किया है, जो हमारे दैनिक जीवन से संबंधित हैं।

आप इस टेबल को ध्यान से एक बार पूरा पढ़िये आपको मापन और मूल्यांकन में अंतर समझ में आ जायेगा और आपको इसको रटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बिल्कुल आसान भाषा में मापन और मूल्यांकन में अंतर :-

मापनमूल्यांकन
मापन की अपेक्षा मूल्यांकन अधिक व्यापक है। मापन के अन्तर्गत किसी व्यक्ति अथवा वस्तु के गुणों अथवा विशेषताओं का मात्र वर्णन ही किया जाता है।जबकि मूल्यांकन के अन्तर्गत उस व्यक्ति अथवा वस्तु के गुणों अथवा विशेषताओं के जरूरतों के बारे में बात की जाती है।
मापन, मूल्यांकन का ही एक अंग है। मूल्यांकन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मापन से प्राप्त परिणामों की वांछनीयता का निर्धारण किया जाता है।मापन से प्राप्त परिणाम आपके उद्देश्य के लिए आवश्यक है या नहीं इसका निर्धारण मूल्यांकन के द्वारा किया जाता है।
किसी व्यक्ति अथवा वस्तु में किसी गुण या विशेषता की कितनी मात्रा उपलब्ध है इसका निर्धारण मापन से किया जाता है।लेकिन उस व्यक्ति अथवा वस्तु में उपस्थित गुण या विशेषता की मात्रा किसी विशेष उद्देश्य के लिए कितनी आवश्यक या जरूरी है इसका निर्धारण मूल्यांकन से किया जाता है।
छात्रों की शैक्षिक उपलब्धि को अंकों में व्यक्त करना मापन का उदाहरण है।जबकि छात्रों के प्राप्तांकों के आधार पर वह अगली कक्षा में जायेगा या नही इसका निर्धारण करना मूल्यांकन का उदाहरण है।
एक तरीके से मापन, मूल्यांकन की प्रक्रिया में सहायता करता है, लेकिन मूल्यांकन के समान नहीं है।मूल्यांकन मापन से अधिक व्यापक है, इसमें हम मापन के साथ-साथ अन्य दृष्टिकोणों की भी जांच करते हैं।
मापन में अंक प्रदान किए जाते हैं। उत्तर पुस्तिकाओं की जाँच करके उनमें अंक प्रदान करना ही मापन है, का उदाहरण है।परन्तु अंक प्रदान करने के पश्चात् अंकों का मूल्य निर्धारित करना ही मूल्यांकन कहलाता है। मतलब प्राप्त अंक उसके उद्देश्यों के अनुरूप हैं या नही इसका निर्धारण करना मूल्यांकन है।
जैसे उदाहरण के लिए पुलिस भर्ती की परीक्षा में किसी उम्मीदवार ने 1 घंटे में कितनी दूरी की दौड़ पूरी की यह बताना मापन है।लेकिन उस उम्मीदवार ने 1 घण्टे जो दौड़ पूरी की वह पुलिस भर्ती की प्रक्रिया के लिए सही है या नहीं इसका निर्धारण मूल्यांकन है।
किसी भाला फेंक के खेल में खिलाड़ी ने कितनी दूर भाला फेंका यह ज्ञात करना मापन है।और खिलाड़ी के भाला फेंक खेल में उसके प्रदर्शन या कितनी दूर उसने भाला फेंका उसके आधार पर यह बताना की वह सफल रहा या नहीं, और यदि सफल रहा तो क्या वो अगले राउंड तक जाएगा या नहीं इसका निर्धारण करना मूल्यांकन है।

मापन और मूल्यांकन में कुछ और विशेष अंतर :-

★ मूल्यांकन हमेशा उद्देश्यों के अनुरूप किया जाता है। मापन वास्तव में स्थिति निर्धारण है जबकि मूल्यांकन उस स्थिति का मूल्यांकन है।

★ छात्रों की शैक्षिक उपलब्धि को अंकों में व्यक्त करना मापन का उदाहरण है जबकि छात्रों के प्राप्तांकों के आधार पर उनकी उपलब्धि स्तर के सम्बन्ध में संतोषजनक अथवा असंतोषजनक स्थिति का निर्धारण करना मूल्यांकन का उदाहरण है।

राइट स्टोन के अनुसार मापन में विशेष कुशलताओं तथा योग्यताओं की उपलब्धि के एकांकी पक्षों पर बल दिया जाता है, परन्तु मूल्यांकन में व्यक्ति से सम्बन्धित परिवर्तनों तथा शैक्षिक कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों पर विशेष बल दिया जाता है।

★ मापन के लिए अधिक श्रम और समय की आवश्यकता नहीं होती है, परन्तु मूल्यांकन में अधिक श्रम और समय की आवश्यकता पड़ती है। मापन में अंक प्रदान किए जाते हैं। उत्तर पुस्तिकाओं की जाँच करके उनमें अंक प्रदान करना ही मापन है परन्तु अंक प्रदान करने के पश्चात् अंकों का मूल्य निर्धारित करना ही मूल्यांकन कहलाता है।

उम्मीद है आपको इस पोस्ट को पढ़ने के बाद मूल्यांक और मापन में अंतर समझ में आ गया होगा। यदि कोई समस्या है तो आप कमेंट में पूँछ सकते हैं।


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