वर्ण क्या है? प्रकार एवं स्वर, व्यंजन जानिए विस्तार से

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इस पोस्ट में हम आपको हिंदी व्याकरण के वर्ण, अक्षर, स्वर और व्यंजन के बारे में बताएंगे। हिंदी भाषा से जुड़े ये विषय विभिन्न सरकारी नौकरी की परीक्षा और प्रतियोगिता परीक्षाओं में पूंछे जाते हैं। ctet और uptet परीक्षा में भी हिंदी व्याकरण से जुड़े प्रश्न आते हैं।

वर्ण :-

किसी भी भाषा की सबसे छोटी ध्वनि वर्ण कहलाती है, अर्थात ऐसी ध्वनि जिसका विभाजन किया जाना असम्भव हो अतः जिसका अंतिम विभाजन कर दिया गया हो उसे वर्ण कहते हैं। जैसे हिन्दी भाषा में उदाहरण के तौर पे :- अ, ई, उ, क्, ख्, ट्, घ् इत्यादि।

अक्षर :-

जब किसी ध्वनि या ध्वनि समूह का उच्चारण जीभ के एक झटके से कर दिया जाए तो उसे अक्षर कहते हैं। सामान्यतः वर्णमाला में प्रयुक्त वर्णों के लिपि चिन्हों को भी अक्षर कह दिया जाता है।

वर्ण के प्रकार :-

हिंदी भाषा में वर्ण दो प्रकार के होते हैं–
(1) स्वर वर्ण
(2) व्यंजन वर्ण

स्वर वर्ण :-

जब किसी ध्वनि का उच्चारण करने पर फेफड़ों से उठी हुई प्राण वायु मुख में बिना किसी रुकावट के मुख से बाहर निकल जाती है, उसे स्वर ध्वनि कहते हैं।

सामान्यतः मुख से स्वतः उच्चरित ध्वनियाँ ही स्वर कहलाती हैं। हिंदी में निम्न ग्यारह स्वर ध्वनियाँ होती हैं– अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ
जनिये स्वरों का मात्राकाल, उच्चारण, जिह्वा, ओष्ठों और मुखाकृति के आधार पर वर्गीकरण

व्यंजन वर्ण :-

जब किसी ध्वनि का उच्चारण करते समय फेफड़ों से उठी हुई प्राण वायु मुख में किसी रुकावट, बाधा या किसी संघर्ष के बाद मुख से बाहर निकलती है, तब वह ध्वनि व्यंजन ध्वनि कहलाती है।

सामान्यतः स्वर की सहायता से उच्चरित होने वाली ध्वनियाँ ही व्यंजन ध्वनियाँ कहलाती हैं। हिंदी वर्णमाला में कुल 33 व्यंजन ध्वनियाँ मानी जाती हैं। इन्हें निम्न तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है–
(1) स्पर्श व्यंजन
(2) अन्तःस्थ व्यंजन
(3) ऊष्म व्यंजन


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