बुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत || स्टर्नबर्ग का बुद्धि सिद्धांत

स्टर्नबर्ग त्रिबुद्धि सिद्धांत या बुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत बुद्धि का आधुनिक सिद्धांत माना जाता है। स्टर्नबर्ग का त्रिबुद्धि या बुद्धि का त्रितंत्र मानव बुद्धि को एक ही क्षमता के बजाय अलग-अलग घटकों में तोड़कर समझाने का प्रयास करता है।• व्यावहारिक बुद्धि या संदर्भात्मक बुद्धि• रचनात्मक बुद्धि या अनुभवात्मक बुद्धि• विश्लेषणात्मक बुद्धि या घटकीय बुद्धि व्यावहारिक …

Read moreबुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत || स्टर्नबर्ग का बुद्धि सिद्धांत

शैक्षिक मापन क्या है? शैक्षिक मापन की परिभाषा, अर्थ, प्रकार एवं लाभ

शैक्षिक मापन शिक्षण प्रक्रिया का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। इस पोस्ट पर हम आपको बताएंगे कि शैक्षिक मापन क्या है? शैक्षिक मापन का अर्थ क्या है? गुणात्मक और मात्रात्मक मापन क्या है? गुणात्मक और मात्रात्मक मापन में क्या अंतर हैं? मापन के क्या लाभ हैं? तो आइए पढ़ते इनके बारे में और समझते …

Read moreशैक्षिक मापन क्या है? शैक्षिक मापन की परिभाषा, अर्थ, प्रकार एवं लाभ

रचनात्मक या संरचनात्मक मूल्यांकन और आकलित या योगात्मक मूल्यांकन

पिछले कुछ दशकों से मापन तथा मूल्यांकन के क्षेत्र में नीचे दिए गए विभिन्न प्रकार के नये तरीकों को शामिल किया गया है, जिससे प्रचलित परिपाटियों एवं साधनों की कमियों को दूर करने में मदद मिली है।1. रचनात्मक व आकलित मूल्यांकन2. सामान्यीकृत व इप्सेटिव मापन3. प्रश्न बैंक4. सेमेस्टर प्रणाली5. कम्प्यूटरों के उपयोग6. प्राप्तांकों का परिमापन7. …

Read moreरचनात्मक या संरचनात्मक मूल्यांकन और आकलित या योगात्मक मूल्यांकन

मूल्यांकन की प्रविधियाँ और मूल्यांकन के प्रकार की पूरी जानकारी

इस पोस्ट पर हम आपको मूल्यांकन की प्रविधियां या प्रकार के बारे में बतायें। मूल्यांकन का प्रमुख उद्देश्य शिक्षार्थी के ज्ञान का अवलोकन करना है। शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को केवल ज्ञान देना ही नहीं है, बल्कि छात्रों का सर्वांगीण विकास भी करना है। मूल्यांकन की प्रविधियां या मूल्यांकन के प्रकार परिमाणात्मक मूल्यांकन मौखिक परीक्षा …

Read moreमूल्यांकन की प्रविधियाँ और मूल्यांकन के प्रकार की पूरी जानकारी

मूल्यांकन का अर्थ, परिभाषा और महत्व || मूल्यांकन के सोपान और उद्देश्य

मूल्यांकन वह प्रक्रिया है जिसके आधार पर हम किसी छात्र के ज्ञान का आकलन करते हैं। मूल्यांकन के द्वारा ही छात्र की किसी विषय में कमियों, उसकी किसी विषय के प्रति रूचि और उसकी प्रतिभा का आकलन किया जाता है। इस पोस्ट में हम आपको मूल्यांकन का अर्थ , मूल्यांकन की परिभाषा, मूल्यांकन के सोपान, …

Read moreमूल्यांकन का अर्थ, परिभाषा और महत्व || मूल्यांकन के सोपान और उद्देश्य

शारीरिक विकास एवं गामक विकास की परिभाषा, महत्व, नियम और प्रभावित करने वाले कारक

शारीरिक विकास की परिभाषा :- शारीरिक विकास मतलब बालक की शारीरिक संरचना एवं उसमें होने वाला परिवर्तन है। शारीरिक विकास के अंतर्गत बालक के शरीर का भार उसकी लंबाई उसकी हड्डियों का विकास एवं मजबूती आदि चीजों का विकास सम्मिलित है। गामक विकास क्या है ? गामक विकास एक तरीके से बालक के शारीरिक विकास …

Read moreशारीरिक विकास एवं गामक विकास की परिभाषा, महत्व, नियम और प्रभावित करने वाले कारक

बाल विकास की अवस्थाएं, विशेषताएं, महत्व एवं शिक्षा का स्वरूप

बालक का विकास निश्चित अवस्थाओं में होता है। बाल विकास की प्रत्येक अवस्था की अपनी विशेषताएं और महत्व होता है। प्रत्येक अवस्था के लिए शिक्षा का स्वरूप भी अलग-अलग होता है। यहाँ पर हमने बाल विकास की प्रत्येक अवस्था का महत्व, विशेषताओं और शिक्षा का स्वरूप को बताया है। शैशवावस्था शैशवावस्था की मुख्य विशेषताएं शैशवावस्था …

Read moreबाल विकास की अवस्थाएं, विशेषताएं, महत्व एवं शिक्षा का स्वरूप

बाल विकास के सिद्धांत, उद्देश्य, आवश्यकता एवं महत्व

इस पोस्ट में बाल विकास के सिद्धांतों को बताया गया है। बाल विकास के सिद्धांत के साथ-साथ बाल विकास का उद्देश, बाल विकास का महत्व, आवश्यकता एवं महत्व के बारे में बताया है। इस विषय मे सीटेट और यूपीटेट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न पूंछे जाते हैं। यहाँ पर हमने बाल विकास के निम्नलिखित सिद्धान्तों …

Read moreबाल विकास के सिद्धांत, उद्देश्य, आवश्यकता एवं महत्व

बाल विकास की परिभाषा एवं विकास को प्रभावित करने वाले कारक

इस पोस्ट में हम बाल विकास क्या है और विकास को प्रभावित करने वाले कारक के बारे में बताएंगे। साथ ही साथ जानेंगे बाल विकास का अर्थ क्या है? बाल विकास की अवस्थायें कोन-कौन सी हैं? बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक क्या हैं? बाल विकास की विभिन्न अवस्थाओं की परिभाषा क्या है? बाल …

Read moreबाल विकास की परिभाषा एवं विकास को प्रभावित करने वाले कारक

बाल विकास की अवधारणा एवं अधिगम से संबंध

◆ यहाँ पर बाल विकास का अर्थ, विशेषता, सिद्धांत और बाल विकास का अधिगम से संबंध को पॉइंट वाइस बताया गया है।ये नोट्स आपको CTET, UPTET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए काम आएंगे। बाल विकास की विशेषताएँ :- ● बाल विकास की प्रकिया प्राकृतिक, सरल एवं स्वाभाविक रूप में सम्पन्न होती है। …

Read moreबाल विकास की अवधारणा एवं अधिगम से संबंध